Saturday, February 24, 2024
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लड़की की आंख से आंसू के साथ निकल रहे ‘पत्‍थर’, जानें कहां की है घटना

मध्य प्रदेश के अनूपपुर से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जो चर्चा का केंद्र बनी हुई है. दरअसल यहां एक 15 वर्षीय बालिका के परिवारवालों का दावा है कि बच्ची के आंख से आंसू के साथ अलग-अलग रंग के पत्थर जैसे कंकर निकल रहे हैं. यह खबर इलाके में आग की तरह फैल गयी और लोग उसे देखने के लिए पहुंचने लगे. हालांकि नेत्र विशेषज्ञ इस घटना से संयोग नहीं रख रहे हैं. जिला अस्पताल अनूपपुर में गुरुवार को ऐसा ही हैरत करने वाला मामला सामने आया. बताया जा रहा है कि जिले के कोतमा तहसील अंतर्गत ग्राम निमहा निवासी उत्तम सिंह की बेटी सरस्वती 15 वर्ष के साथ इस तरह की घटना हो रही है.

जानकारी अनुसार इस बालिका को पिछले दो सप्ताह से आंख आने यानी कंजक्टिवाइटिस की समस्या बनी हुई है. बालिका के पिता ने जो बताया उसके अनुसार 5 दिनों से आंख की गंदगी के साथ पत्थर के समान कंकर निकलते हैं. जानकारी अनुसार डाक्टर को मामले की जानकारी हुई तो उक्त बालिका को जिला अस्पताल बुलवाया गया. जिला अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ बच्ची का उपचार कर रहे हैं. इस बीच आपको बता दें कि कंजक्टिवाइटिस आंख से जुड़ी बीमारी है. आइए आपको इसके लक्षण और बचाव के उपाय के बारे में बताते हैं…

लक्षण क्या है कंजक्टिवाइटिस के
कंजंक्टिवाइटिस होने पर आंखें लाल हो जाती हैं. आंखों से लगातार पानी आने लगता है. तेज जलन होती है. पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है. आंखों में चुभन होने के साथ-साथ सूजन से व्यक्ति परेशान रहता है. आंखों से पानी आना और खुजली होना. संक्रमण अधिक बढ़ जाने पर आंखों में हेमरेज, किमोसिज हो जाता है और पलकों में सूजन आ जाती है. अगर इंफेक्शन गहरा हो तो इसकी वजह से आंखों की कॉर्निया को भी नुकसान हो सकता है जिससे आंखों की दृष्टि प्रभावित हो सकती है. मॉनसून सीजन में इस बीमारी का खतरा बच्चों में सबसे ज्यादा रहता है.

संक्रमित होने पर इन बातों का रखें ध्यान
-बच्चों को आंखो को बार-बार न छूने से रोकें
-आंखो को साफ करने के लिए टिश्यू पेपर या साफ कपड़े का इस्तमाल करें. इस्तमाल करने के बाद उपयोग किये टिश्यू पेपर या कपड़ें को फेंक दे. ध्यान रहे कि आप दोबारा उसका उपयोग न करें.

-किसी से भी आई टू आई कांटेक्ट न बनाने को कहें.
-टीवी या मोबाइल से दूर रखें.
-संक्रमण के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.
-आंखों को साफ पानी से धोते रहने को कहें.
-संक्रमित होने पर बच्चे को आखों में चश्मा पहनायें.

संक्रमण से बचने के उपाय
संक्रमित होने पर बार-बार अपने हाथ एवं चेहरे को ठंडे पानी से धोये, निजी चीजों जैसे तौलिया, तकिया, आई कॉस्मेटिक्स आदि को किसी से शेयर न करें, रूमाल, तकिये के कवर, तौलिया आदि चीजों को रोज धोएं, स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें, अगर कोई भी लक्षण दिखाई दे तो घर से बाहर न जाएं और परिवार में भी लोगों से शारीरिक दूरी बनाकर रखें, आंखों को बार-बार हाथ न लगाएं, खुजली होने पर आंखों को बिल्कुल मले नहीं, आई ड्रॉप डालने से पहले और बाद में हाथों को साबुन से अवश्य धो लें, बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें.