Dussehra 2020/ Vijayadashami : जानिए कब मनाया जाएगा विजयादशमी, विदेशों में कुछ यूं मनाया जाता रहा है दशहरा

Dussehra 2020/Vijayadashami 2020  :  इस वर्ष कोरोना संक्रमण के बीच लोग दशहरा का त्योहार मना रहे हैं. दशहरा ऐसा त्योहार है, जो अपने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी खास ढंग से लोग मनाते है. नेपाल, इंडोनेशिया, मलयेशिया, मॉरीशस और थाइलैंड के अलावा दुनिया के दूसरे देशों में भी दशहरा उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस साल  दशमी तिथि का प्रारम्भ 25 अक्टूबर की सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर होगा, जो 26 अक्टूबर की सुबह 09 बजे तक रहेगा. 25 अक्टूबर को दशमी तिथि का अपराह्नकाल में पूर्ण व्याप्ति है, इसलिए 25 अक्टूबर को दशहरा या विजयादशमी लोग मनाएंगे. विजयादशमी के दिन आपको पूजा के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 12 मिनट से दोपहर 03 बजकर 27 मिनट तक है. इस दौरान आपको देवी अपराजिता और शमी वृक्ष की पूजा करनी चाहिए. आइए जानते हैं कि किस देश में लोग दशहरा कैसे मनाते हैं…

नेपाल : पहले बात नेपाल की जहां दशमी आने के पहले माताएं-दादियां बच्चों को गोद में बैठा कर उनकी छोटी-छोटी पांचों अंगुलियां अपने हाथों में लेकर एक-एक अंगुली पकड़ कर गीत सिखाती हैं. यहां दशमी को त्योहारों के राजा भी उपाधी दी गई है. नेपाल की गोरखा सेनाएं बहुत ही अद्भुत ढंग से दशहरा मनाती हैं. इस मौके को शस्त्र पूजा या महाबलिदान के रूप में मनाया जाता है. खास बात है कि नेपाली जनजीवन का दर्शन खुल कर दशहरे में सामने आता है.

मलयेशिया : अब बात मलयेशिया की जहां सात प्रतिशत से ज्यादा आबादी भारतीय मूल के लोगों की है. यही नहीं वहां हिंदू और सिख धर्मावलंबियों की अच्छी-खासी संख्या है. यही वजह है कि मलयेशिया में भी दशहरा काफी धूमधाम से मनाया जाता रहा है और वहां सरकार द्वारा आधिकारिक छुट्टी रहती है. मलयेशिया में जो भाषाएं बोली जाती हैं, उनमें चीनी, थाइ और अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ पंजाबी का भी शामिल हैं. इन्हीं भाषाओं में रामलीला का आयोजन भी किया जाता है. मलयेशिया के सेलानगोर में स्थित बाटु गुफाओं को मंदिरों का गढ़ कहा जाता है. इस पर्वत का नाम सुंगाइ बाटु नाम की नदी से पड़ा, जो पास के क्षेत्र में बहती है. दशहरा के समय इस जगह पर भी काफी भीड़ जुटती है.

इंडोनेशिया : बात इंडोनेशिया की करें तो यहां रामलीला की परंपरा काफी पुरानी है. भारत की तरह ही इंडोनेशिया में रामायण एक लोकप्रिय काव्य ग्रंथ मौजूद है, लेकिन भारत और इंडोनेशिया की रामायण में अंतर है. भारत में राम की नगरी जहां अयोध्या है, वहीं इंडोनेशिया में यह योग्या के नाम से स्थित है. यहां राम कथा को ककनिन, या ‘रामायण काकावीन’ नाम से जाना जाता है. इंडोनेशिया में इसके रचयि‍ता कवि योगेश्वर हैं. इसमें उन्होंने सीता को सिंता और लक्ष्मण को इंडोनेशियाइ नौ सेना के सेनापति के रूप में प्रस्तुत किया है.

मॉरीशस : अब बात मॉरीशस कर लेते हैं. यहां माता काली तथा माता दुर्गा की पूजा नौ दिनों तक लोग करते हैं. विजयादशमी वाले दिन लोग होली की तरह एक-दूसरे को अबीर, चावल, दही का टीका लगाने का काम करते हैं. विजयादशमी, नवरात्रि के अंतिम दिन के रूप में, मॉरीशस में सबसे बड़े और सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक के रूप में मनाया जाता है. इस दौरान कई जगहों पर रामलीला की परफॉर्मेंस भी होती है. दरअसल, मॉरीशस में काफी संख्या में हिंदू धर्म को मानने वाले निवास करते हैं.

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