लोक के पर्व में सब लौकिक: जानें इस साल कब है छठ पर्व

एक बार फिर से छठ नजदीक आ पहुंचा है. छठ पर्व का ख्याल जैसे ही जेहन में आता है, मन में कई दृश्य उभरते हैं. दृश्यों के उभरने से पहले मन में गीत गूंजते हैं. गीत ऐसे नहीं, जिनमें साल-दर-साल प्रयोग हो रहे हों और उनमें नयापन हो. छठ के गीतों में कोई नयापन नहीं. बिल्कुल ठेठ, पारंपरिक गीत, जो पीढ़ियों से गाये जा रहे हैं. जैसे-

कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाये
पहनी ना पवन जी पियरिया गउरा घाटे पहुंचाये…


ऐसे ही कुछ चुनिंदा गीत हर साल हर साल विशेष रूप से छठ में ही गाये जाते हैं. साल के बाकी दिनों में शायद ही और कभी सुनने को मिलते हैं. इन गीतों में नयापन नहीं रहता, लेकिन हर साल ये गीत उतनी ही ताजगी और नयेपन का बोध लिए आत्मीयता के साथ मन को झंकृत करते हैं. आस्था से एकाकार होते हैं.
आमतौर पर हर पर्व-त्योहार में हर साल गीतों में नये-नये प्रयोग होते हैं. कई सारे बदलाव होते हैं और वे स्वीकार भी होते हैं. उनमें से कई लोकप्रिय भी हो जाते हैं, लेकिन छठ के गीतों के साथ अब तक ऐसा नहीं हो सका है. हालांकि कोशिश बहुत हुई. कोशिशें जारी भी हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पा रही. इसकी वजह है छठ का ठेठ लौकिक पर्व होना. तो आइए अब जानते हैं कि इस साल छठ कब है…

छठ पूजा 2021 में कब है ( Chhath Puja 2021 Date in Bihar, Chhath Puja 2021 Date in Indian calendar)
नहाए खाए के साथ शुरू होने वाला छठ पूजा का पहला दिन 8 नवंबर, 2021 को पड रहा है. छठ का दूसरा दिन खरना 9 नवंबर को इस साल है. छठ पूजा में खरना की बात करें तो इसका विशेष महत्व होता है. इस दिन व्रत रखा जाता है और रात में खीर का प्रसाद ग्रहंण किया जाता है. छठ का तीसरा दिन छठ पूजा या संध्या अर्घ्य 10 नवंबर 2021 को है और इस दिन बुधवार पड रहा है. षष्ठी तिथि 9 नवंबर 2021 को शुरु होकर 10 नवंबर को 8:25 पर समाप्त होगा.