Saturday, April 13, 2024
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भारत में कोरोना के नये वैरिएंट XE की एंट्री, जानें कितना खतरनाक है ये

Corona’s new variant XE : कोरोना की संभावित चौथी लहर के खतरे के बीच एक बुरी खबर आ रही है. कोरोना के नए वैरिएंट XE और कप्पा के एक-एक केस मुंबई में मिले हैं जिससे चिंता बढ‍़ गई है. भारत में XE वैरिएंट का ये पहला मामला है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जीनोम सीक्वेंसिंग के दौरान कुल 376 सैंपल लिये गये थे, जिनमें से 230 मुंबई के ही थे. जीनोम सीक्वेंसिंग परीक्षण का ये 11वां बैच था. 230 में से 228 सैंपल ओमीक्रॉन के पाये गये, जबकि शेष- 1 कप्पा वैरिएंट का है और 1 XE वैरिएंट का है.

इस खबर को सुनकर यदि आप सोच में पड़ गये कि ये कोरोना का वैरिएंट कितना खतरनाक है तो आइए आपको बताते हैं इसके बारे में….डब्ल्यूएचओ की मानें तो, कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट सामने आया है, जिसे ‘XE’ के नाम से जाना जाता है. यह ओमिक्रोन के सब वैरिएंट BA.2 के मुकाबले 10 गुना ज्यादा खतरनाक है. ऐसे में विशेष सतर्कता बरतने की लोगों को आवश्यकता है.

कैसे बना है कोरोना का नया वैरिएंट ‘XE’
बताया जा रहा है कि कोरोना का नया वैरिएंट ‘XE’ ओमिक्रोन के मूल वैरिएंट BA.1 और सब वैरिएंट BA.2 से मिलकर बना एक हाइब्रिड वैरिएंट है. फिलहाल, यह दुनिया भर में सिर्फ कुछ ही मामलों के लिए जिम्मेदार है. पिछले दिनों डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट सामने आई जिसके मुताबिक, ओमिक्रॉन के ‘XE’ वैरिएंट का पहला मामला 19 जनवरी, 2022 को ब्रिटेन में मिला था. इसके अलावा यह वैरिएंट फ्रांस, डेनमार्क और बेल्जियम में भी मिला है.

XE वैरिएंट में BA.2 से तेज फैलने की क्षमता

शुरुआती संकेतों के अनुसार, इस वैरिएंट में BA.2 की तुलना में 10 प्रतिशत तेजी से फैलने की क्षमता है. हालांकि, डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इसके बारे में और अधिक अध्ययन की जरूरत है. जब तक इसकी गंभीरता और प्रसार आदि के बारे में सही जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक इसे ओमिक्रोन वैरिएंट का हिस्सा नहीं माना जायेगा.

वायरस से निपटने के लिए डब्ल्यूएचओ के टिप्स

-सर्विलांस, लैबोरेट्रीज व पब्लिक हेल्थ इंटेलिजेंस बढ़ाएं.
-टीकाकरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपाय को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं.
-कोरोना के लिए नैदानिक देखभाल स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाएं.
-अनुसंधान और विकास पर जोर देना, स्वास्थ्य उपकरण और आपूर्ति बढ़ाएं.
-एक इमरजेंसी मोड से लॉन्ग टर्म रेस्पीरेटरी डिजीज मैनेजमेंट के लिए रिस्पांस ट्रांजिशन के रूप में कॉर्डिनेशन.