Wednesday, June 19, 2024
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रामायण पर हुई क्विज दो मुस्लिम छात्रों ने जीती, जानें कैसे हुआ संभव

जहां इन दिनों जगह-जगह से बुरी खबरों ने सभी को परेशान कर रखा है. वहीं एक ऐसी खबर आ रही है जो सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दे सकती है. दरअसल खबर केरल के मलप्पुरम से आ रही है जहां के दो मुस्लिम छात्रों (बासित और जाबिर) ने ऑनलाइन रामायण प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में हिस्‍सा लिया. इन्‍होंने केवल हिस्‍सा ही नहीं लिया बल्की प्रतियोगिता को जीतकर सबको हैरान कर दिया. बताया जा रहा है कि महान महाकाव्य के गहन ज्ञान ने बासित और जाबिर को विजेता बनाने में मदद की है. इस प्रतियोगिता की बात करें तो इसका ऑनलाइन आयोजन दिग्गज प्रकाशक कंपनी डीसी बुक्स की ओर से किया गया था.

खबरों की मानें तो दोनों उत्तरी केरल जिले के वलांचेरी में केकेएसएम इस्लामिक एंड आर्ट्स कॉलेज में पढ़ते हैं. छात्रों ने कहा कि वे बचपन से महाकाव्य के बारे में ज्ञान लेते आ रहे हैं. उन्होंने काफी पाठ्यक्रम में शामिल होने के बाद रामायण और हिंदू धर्म के बारे में गहराई से पढ़ना और सीखना आरंभ किया, जिसके पाठ्यक्रम में सभी प्रमुख धर्मों की शिक्षाएं हैं. जाबिर ने इस जीत के बाद कहा कि सभी भारतीयों को रामायण और महाभारत महाकाव्यों को पढ़ने की जरूरत है. इसमें बहुत कुछ सीखने लायक है. क्योंकि वे देश की संस्कृति, परंपरा और इतिहास का हिस्सा हैं. आगे उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि इन ग्रंथों को सीखना और समझना प्रत्‍येक लोगों की जिम्मेदारी है. राम को अपने पूज्य पिता दशरथ से किये गये वादे को पूरा करने के लिए अपने राज्य का भी त्याग करने की जरूरत पड़ी थी. सत्ता के लिए अंतहीन संघर्षों के दौर में रहते हुए, हमें राम जैसे पात्रों और रामायण जैसे महाकाव्यों के संदेश से प्रेरणा लेने की जरूरत है.

वहीं बासित महसूस करते हैं कि व्यापक पठन अन्य धर्मों और इन समुदायों के लोगों को अधिक समझने में मदगार साबित हो सकता है. कोई भी धर्म नफरत को बढ़ावा नहीं देता, बल्कि केवल शांति और सद्भाव का प्रचार करता है. प्रश्नोत्तरी जीतने से उन्हें महाकाव्य को और गहराई से सीखने की प्रेरणा मिली है. जब बासित से रामायण की उनकी पसंदीदा चौपाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तुरंत ‘अयोध्याकांड’ की चौपाई को दोहराया. इसमें लक्ष्मण के क्रोध और भगवान राम की ओर से अपने भाई को दी जा रही सांत्वना का वर्णन किया गया है. इसमें भगवान राम साम्राज्य और शक्ति की निरर्थकता को विस्तार से बता रहे हैं.