सोनिया गांधी को ‘झुंड में घेरा गया’ , जानें लोकसभा में स्मृति ईरानी के साथ क्या हुआ ऐसा

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की लोकसभा में हुई नोकझोंक की खबर मीडिया में सुर्खियों में रही. कई विपक्षी के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का समर्थन किया और कहा कि 75 वर्षीय नेता को सत्तापक्ष यानी भाजपा के लोगों द्वारा लोकसभा में चारो तरफ से घेर लिया गया. इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है.

दरअसल, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत के क्रम में भारत की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहकर संबोधित कर दिया था जिसके बाद से भाजपा हमलावर है. भाजपा सांसद इस बात को लेकर सोनिया गांधी से माफी मांगने को कह रहे हैं.

इसी विषय पर संसद के दोनों सदनों में भाजपा सदस्यों ने इस मामले को लेकर हंगामा किया. भाजपा और सरकार के मंत्रियों ने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग की जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष का बयान भी आया. सोनिया गांधी ने कहा कि अधीर रंजन ने माफी मांग ली है.

सोनिया गांधी सत्तापक्ष की ओर गयीं
इसी मुद्दे पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे के कुछ ही देर बाद जब दोबारा स्थगित कर दी गयी तो सोनिया गांधी सत्तापक्ष की ओर गयीं और उन्होंने भाजपा सांसद रमा देवी से पूछना चाहा कि इस विवाद में उनका नाम क्यों घसीटने का काम किया जा रहा है. इसी दौरान स्मृति ईरानी भी सोनिया गांधी के नजदीक पहुंचकर वस्तुत: चौधरी के बयान का विरोध करती दिखीं. पहले तो सोनिया ने स्मृति ईरानी को अनदेखा करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही क्षण बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री की ओर रुख करके नाराजगी भरे स्वर में कुछ कहतीं नजर आयीं.

सुप्रिया सुले का ट्वीट
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले उस समय सदन में मौजूद थीं. उनका कहना है कि सोनिया गांधी के खिलाफ ‘अनावश्यक नारेबाजी’ सुनकर हैरान रह गईं. सुप्रिया ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद श्रीमती गांधी के खिलाफ अनावश्यक नारेबाजी सुनकर हैरान रह गई. हम सभी लोगों को सदन की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और मर्यादा एवं गरिमा बनाए रखनी चाहिए.

दानिश अली ने क्या कहा
बहुजन समाज पार्टी के लोकसभा सदस्य दानिश अली ने स्मृति ईरानी के वक्तव्य के एक हिस्से का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि केंद्रीय मंत्री राष्ट्रपति का नाम आपत्तिजनक तरीके से लिया जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए. अली ने ट्वीट किया कि मैं भारत के माननीय राष्ट्रपति का अपमान करने, अनुचित और आपत्तिजनक तरीके से सदन में उनका नाम लेने के लिए स्मृति ईरानी जी से बिना शर्त माफ़ी की मांग करता हूं.

महुआ मोइत्रा का ट्वीट
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया कि उस समय मैं लोकसभा में थी जब 75 वर्षीय वरिष्ठ नेता को इस तरह घेर लिया गया जिस तरह झुंड में घेरा जाता है. उनके साथ टोकाटोकी की गयी. यह सब उस वक्त किया गया जब वह एक और वरिष्ठ महिला नेता जो पीठासीन सभापतियों के पैनल में हैं, की तरफ गयीं और उनसे बात की (मास्क पहने हुए).