Festival Sale 2020 : फेस्टिव सेल से दुकानदारों के धंधे चौपट

देश में कोरोना वायरस महामारी के इस दौर में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री में तेज होती नजर आ रही है. अब फेस्टिव सीजन के मौके पर ई-कॉमर्स कंपनियों- अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील आदि द्वारा दी जा रही अतिरिक्त और विशेष छूट लोगों को आकर्षित कर रहीं हैं. इधर इस फेस्टिव सेल ने दुकानदारों के कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है. इससे बचने के लिए देश में दुकानदारों के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ ऑल इंडियन व्यापार मंडल (फैम) ने केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय उद्योग व वाणिज्य मंत्री को पत्र लिखा है.

इस पत्र की बात करें तो इसमें फैम ने अमेजन, फ्लिपकार्ट व अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा लायी गयी फेस्टिव मेगा सेल के संदिग्ध पहलू की जांच करने की मांग की है. फैम ने अपने पत्र में आशंका व्यक्त की है कि जो फेस्टिव सेल के तहत भारी छूट दी जा रही है, उसके आड़ में प्रीडेटरी प्राइस वसूल करने का खेल चल रहा है. केंद्रीय मंत्रियों को भेजे पत्र में फैम ने कहा है कि क्रेडिट/डेबिट कार्ड पर इंस्टेंट डिस्काउंट, बैंकों द्वारा दिये जानेवाले कैश बैक और खरीदारों के लिए जीरो इंटरेस्ट पर इएमआइ की योजना जैसे मामलों की भी जांच कराई जानी चाहिए.

लागत से कम पर बिक रहे हैं सामान : फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन की मानें तो ई-कॉमर्स कंपनियां प्रीडेटरी प्राइस अर्थात वह मूल्य जिसपर ग्राहक को आकर्षित किया जा सके, भले ही वह लागत से भी कम हो, पर माल बेच रही हैं.

कैट भी जता चुका है विरोध: अक्तूबर के पहले हफ्ते में ही कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिख कर फेस्टिव सेल पर एतराज जताया और इसे रोकने की मांग की है. कैट ने ई-कॉमर्स पोर्टल की बिक्री की वैधता पर सवाल उठाया और कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा इस प्रकार की सेल लगाना पॉलिसी का उल्लंघन है.

50 हजार करोड़ रुपये की बिक्री की है उम्मीद इस मेगा सेल में: फैम की मानें तो इस त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी पिछले वर्ष के 5% से बढ़ कर इस साल 10% तक होने की संभावना है. इस त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स द्वारा सात बिलियन डॉलर यानि लगभग 50,000 करोड़ रुपये की बिक्री होने की उम्मीद है. यह पिछले साल की त्योहारी बिक्री की तुलना में लगभग 84% की वृद्धि होगी.

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