Monday, January 5, 2026
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Petrol Diesel Price : क्या पेट्रोल–डीजल की कीमत बढ़ेगी? जानें वेनेजुएला संकट का भारत पर कितना पड़ेगा प्रभाव

Petrol Diesel Price : तेल लंबे समय से संघर्षों का कारण रहा है. इसलिए इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि शनिवार (3 जनवरी) को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने की कार्रवाई में भी तेल एक प्रमुख कारण रहा. मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन काराकास के तेल क्षेत्र का कंट्रोल अपने हाथ में लेगा. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां संघर्ष कर रहे वेनेजुएला के तेल उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेंगी, लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि वर्षों से प्रतिबंधों और आर्थिक संकटों से जर्जर हो चुकी तेल अवसंरचना को ठीक करने और उत्पादन बढ़ाने में कई साल लगेंगे.

दुनियाभर के तेल उत्पादन में वेनेजुएला की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लेकिन दुनियाभर के तेल उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम है. यही एक कारण है कि विशेषज्ञ और उद्योग जगत के जानकार निकट भविष्य में तेल की कीमतों में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा बाजार में आपूर्ति पर्याप्त है और वैश्विक मांग भी अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है. गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला की नाकाबंदी और उसके तेल टैंकरों की जब्ती का अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर कोई खास असर नहीं पड़ा. यदि अमेरिका वास्तव में वेनेजुएला के तेल उद्योग पर प्रभावी कंट्रोल स्थापित कर लेता है, तो उसका अधिक तेल दुनियाभर के बाजार में आ सकता है, जिससे तेल कीमतों पर दबाव (गिरावट) पड़ने की संभावना है. हालांकि, इसका असर लंबी अवधि में ही स्पष्ट होगा.

भारत पर क्या असर पड़ेगा

भारत के संदर्भ में देखें तो निकट भविष्य में किसी सीधे असर की संभावना कम दिखती है, क्योंकि भारतीय रिफाइनरियां वेनेजुएला का कच्चा तेल आयात नहीं करती हैं. साथ ही, बाजार में अधिक आपूर्ति के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर बढ़ने का दबाव भी सीमित रहने की उम्मीद है. इसलिए दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कच्चा तेल उपभोक्ता भारत के लिए यह कोई बड़ा संकट पैदा करने वाला नहीं लगता, खासकर जब वह अपनी 88 प्रतिशत से अधिक तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है. हालांकि, यदि ट्रंप आगे चलकर काराकास को अपनी शर्तों पर सहमत कराने में सफल होते हैं, तो भारत को इसका लाभ मिल सकता है, क्योंकि इससे वेनेजुएला का तेल उद्योग प्रतिबंध-मुक्त होकर कारोबार के लिए खुल सकता है.

दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वेनेजुएला के पास

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, जिसका अनुमान 300 अरब बैरल से अधिक है, यानी वैश्विक सिद्ध तेल भंडार का लगभग 5वां हिस्सा. दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक सऊदी अरब सिद्ध तेल भंडार के मामले में वेनेजुएला के बाद दूसरे स्थान पर है. हालांकि, वेनेजुएला प्रतिदिन लगभग 10 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है, जबकि वैश्विक उत्पादन 10 करोड़ बैरल प्रतिदिन से अधिक है.

भारी संभावनाओं के बावजूद वेनेजुएला का अपेक्षाकृत कम तेल उत्पादन कई कारणों का नतीजा है. इनमें देश के तेल और गैस क्षेत्र पर अमेरिका के प्रतिबंध, जिनसे उसके ऊर्जा निर्यात पर रोक लगी, के अलावा गंभीर आर्थिक संकट और तेल-गैस अवसंरचना में निवेश की भारी कमी शामिल है. अब ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिकी तेल कंपनियां इस क्षेत्र में उतरें, ताकि वेनेजुएला का अधिक तेल (अमेरिका सहित) वैश्विक बाजार में पहुंचाया जा सके और इसका लाभ अमेरिकी कंपनियों को मिले.