India China Face Off : माइनस 40 डिग्री में भी चीन को जवाब देने की तैयारी, देखें वीडियो

पूर्वी लद्दाख में पिछले पांच महीने से जारी तनाव के बीच सेना ने चीन के खिलाफ पूरी तैयारी कर ली है. भारतीय सेना की बख्तरबंद रेजिमेंट 14,500 फीट से अधिक ऊंचाई पर चीनी सेना का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. सेना ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी के पास आर्मर्ड रेजीमेंट के टी-90 और टी-72 टैंकों की तैनाती की है. इसके अलावा, बीएमपी-2 कॉम्बैट व्हीकल भी भेजे गये हैं.

यह युद्धक टैंक लेह से 200 किमी दूर 14 हजार 500 फीट की ऊंचाई पर पूर्वी लद्दाख के चुमार-डेमचोक क्षेत्र में तैनात किये गये हैं. इसे टैंकों के लिहाज से दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र कहा जाता है. इन टैंकों को माइनस 40 डिग्री के तापमान में भी संचालित किया जा सकता है. पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में भीषण सर्दी पड़ती है. यहां रात में तापमान सामान्य से 35 डिग्री कम होता है और उच्च गति वाली ठंडी हवाएं चलती हैं, यानी लद्दाख में अगर चीनी सेना ने कोई गुस्ताखी की, तो ये टैंक आग उगलना शुरू कर देंगे.

भारत का अज्ञेय है टी-72 : टी-72 को भारत में ‘अजेय’ कहा जाता है. भारत में ऐसे करीब 1700 टैंक हैं. यह बेहद हल्‍का टैंक है, जो 780 हॉर्सपावर जेनेरेट करता है. यह न्‍यूक्लियर, बायोलॉजिकल और केमिकल हमलों से बचने के लिए भी बलाया गया है. यह 1970 के दशक में भारतीय सेना का हिस्‍सा बना था. ‘अजेय’ में 125 एमएम की गन लगी है.



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