पाकिस्तान के लोगों की किडनी व लीवर बेच रहा चीन

पाकिस्तान के गरीब-बेसहारा लोगों को रुपये का लालच देकर चीन में किडनी व लीवर बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पाकिस्तान के अधिकारियों ने अवैध अंग प्रत्यारोपण के लिए लोगों को चीन ले जाने में लिप्त रहने के संदेह में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. संघीय जांच एजेंसी (एफआइए) ने सोमवार को लाहौर पासपोर्ट कार्यालय में इन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जिनमें उनका नेता अब्दुल लतीफ भी शामिल है.

एफआइए के उपनिदेशक (पंजाब) सरदार मावरहान खान ने बताया कि गिरफ्तार किये गये लोग कथित रूप से गरीबों और जरूरतमंदों को अपना लीवर और किडनी बेचने के लिए बहलाते-फुसलाते थे और फिर चीन में अंग प्रत्यारोपण किया जाता था. प्राथमिक जांच के दौरान यह सामने आया कि एजेंटों का चीन में संपर्क था जहां वे डॉक्टरों के माध्यम से अंग प्रत्यारोपण करवाते थे. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो चीन में अवैध मानव अंग प्रत्यारोपण में शामिल था. एजेंट दानकर्ता को चार लाख रुपये देता है और उसकी चीन यात्रा का इंतजाम करता है. आम तौर पर किडनी प्राप्त करने वाला अपने आप ही वहां (चीन) पहुंचता है. गिरोह अबतक इस काम के लिए करीब 30 लोगों को चीन ले गया है.

‘दुल्हन घोटाले’ को लेकर सुर्खियों में रह चुका है चीन :
चीन ‘दुल्हन घोटाले’ को लेकर भी सुर्खियों में रह चुका है. पाक की 600 लड़कियां चीन में बेहतर भविष्य के लिए चीनी व्यक्तियों द्वारा शादी के जाल में कथित रूप से फंसायी गयी थी. मामले में अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

सलाना अरबों डॉलर का है चीन में अवैध अंग प्रतिरोपण उद्योग : चीन में अवैध अंग प्रतिरोपण उद्योग सलाना अरबों डॉलर का है. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) चीन में तिब्बती बौद्ध, इसाई पंथों, उइगर मुस्लिम और फालुन गोंग साधना पद्धति के अभ्यासियों को कैदी बनाकर अंगों की तरस्करी में लिप्त है. चीन पर आरोप है कि वहां की जेलों में बंद कैदियों के अंग अवैध रूप से चीन में प्रतिरोपित किये जाते थे. स्वतंत्र जांच में पता चला है कि चीनी शासन, सरकारी अस्पतालों की मिलीभगत से, कैदियों के अवैध मानवीय अंग प्रत्यारोपण में शामिल है.

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