सूर्य की किरणों से जगमगाएगा रामलला का गर्भगृह

Ayodhya/Ram Mandir : अयोध्या में बन रहे राममंदिर में अनेक खूबियां आपको देखने को मिलेंगी. खबरों की मानें तो रामलला के गर्भगृह को सूर्य की किरणों से प्रकाशमय करने का प्लान बन रहा है. इसके लिये ओडिशा के कोणार्क मंदिर जैसी खास टैक्नीक को अपनाने पर विचार किया जा रहा है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से इस बाबत बात की है. न्यूज एजेंसी हवाले से मीडिया में खबर चल रही है कि भगवान राम के मंदिर में प्रत्येक रामनवमी पर गर्भगृह में सूर्य की किरणें रामलला को सुशोभित करें. इसका खाका तैयार किया जा रहा है.

बताया जा रहा है कि राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्रतिमा स्थापित की जायेगी. साथ ही प्रत्येक रामनवमी पर गर्भगृह में रामलला की प्रतिमा तक सूर्य की किरणें सीधे पहुंचे इसके लिये कुछ मॉडल पर वैज्ञानिकों, खगोल शास्त्रियों तथा टैक्निशियन काम कर रहे हैं. ओडिशा स्थित कोणार्क का सूर्य मंदिर उदाहरण है जहां मंदिर के अंदर सूर्य की किरणें पहुंचती हैं. ऐसे में गर्भगृह तक सूर्य की किरणें कैसे पहुंचे, इसको लेकर सभी टैक्नीक को अपनाने पर विचार चल रहा है.

श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य तेज गति से जारी है. खबरों की मानें तो दिसंबर 2023 तक गर्भ गृह का निर्माण पूरा हो जाए और लोग दर्शन कर सकें. इसके आगे विस्तार एवं भव्यता का और काम चलता रहेगा. नींव का पहला चरण पूरा हो चुका है, जबकि दूसरा चरण नवंबर के मध्य तक खत्म हो जाएगा. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण के दौरान भूगर्भीय, भौगोलिक एवं पारिस्थितिकी संबंधी स्थितियों सहित कई बातों पर ध्यान दिया जा रहा है.

अप्रैल 2022 से प्लिंथ के उपर स्तम्भों एवं उपरी संरचना का निर्माण शुरू
बताया जा रहा है कि भूगर्भीय वर्गीकरण के अनुसार उत्तर प्रदेश भूकंप संवेदी क्षेत्र में आता है, मंदिर परिसर के पास नदी क्षेत्र है और सम्पूर्ण इलाका हिमालयी क्षेत्र के दायरे में आता है. वैज्ञानिकों, खगोलशास्त्रियों से इन सभी विषयों पर परामर्श किया जा रहा है. 15 नवंबर से प्लिंथ (स्तंभ के आधार वाला हिस्सा) निर्माण का कार्य भी शुरू हो जाएगा. अप्रैल 2022 से प्लिंथ के उपर स्तम्भों एवं उपरी संरचना का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है.

अब तीन मंजिल का निर्माण किया जायेगा
मंदिर निर्माण को लेकर पूर्व के नक्शे एवं मॉडल में कुछ बदलाव किये गए हैं. पहले दो मंजिलों का निर्माण किया जाना था, अब तीन मंजिल का निर्माण किया जायेगा. 400 फीट लम्बाई तथा 300 फीट चौड़ाई में प्लिंथ का निर्माण किया जा रहा है तथा इस पर 365 फीट लम्बाई और 235 फीट चौड़ाई में 171 फीट ऊंचे मंदिर का निर्माण किया जायेगा. राम मंदिर में एक संग्रहालय, अभिलेख कक्ष, अनुसंधान केंद्र, सभागार, गौशाला, पर्यटन केंद्र, प्रशासनिक भवन, योग केंद्र और अन्य सुविधाएं शामिल की जाएंगी.