नाक के जरिये लगेगा कोरोना का टीका!

भारत में कोरोना केस 30 लाख के पार चले गये हैं. इसी बीच एक ऐसी खबर आ रही है जो आपको चौंका सकती है. जी हां…वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के खिलाफ एक टीका विकसित किया है, जिसकी एक खुराक नाक के जरिये दी जा सकती है. यह चूहे में कोरोना संक्रमण रोकने में काफी असरदार साबित हुआ है.

जर्नल ‘सेल’ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, इस टीका को संक्रमण की शुरुआती जगह नाक में डाला जाता है. इससे समूचे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर करने में मदद मिलती है, लेकिन यह नाक और श्वसन तंत्र में खासा असरदार साबित हुआ है. इस अध्ययन टीम में अमेरिका के वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसीन के शोधकर्ता भी थे. इंसानों पर इस टीका का परीक्षण करने की योजना है कि क्या यह संक्रमण को रोकने में कारगर और सुरक्षित है. चूहे में संक्रमण को रोकने में यह कारगर रहा है. इस टीका को विकसित करने के लिए शोधकर्ताओं ने वायरस के स्पाइक प्रोटीन का इस्तेमाल किया है.

अगले महीने दूसरी वैक्सीन ला सकता है रूस : दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन तैयार करने के बाद अब रूस अगले महीने दुनिया को फिर से चौका सकता है. रूस में दूसरी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अगले महीने यानि सितंबर तक पूरा कर लिया जायेगा. यह वैक्सीन रूस के वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा विकसित की गयी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोरोना वैक्सीन मनुष्यों में शुरुआती परीक्षणों में काफी सुरक्षित बतायी जा रही है. यह वैक्सीन, रूस की पहली कोरोना वैक्सीन से अलग है.

लार से जल्दी और सस्ती होगी कोरोना की जांच: कोरोना के लिए लार या सलाइवा से किफायती जांच में लोग खुद ही अपना नमूना ले सकेंगे. इसमें नाक या गले के अंदर से स्वाब का नमूना लेने की जरूरत नहीं होगी. वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोविड-19 का पता लगाने का आसान तरीका हो सकता है. भारत में जांच का यह तरीका अभी शुरू नहीं हुआ है. वैज्ञानिकों ने कहा कि इससे परिणाम तेजी से आयेंगे और अधिक सटीक होंगे.

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