Saturday, October 24, 2026
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चिराग जलता रहा…

चिराग जलता रहा, हवा को चुनौती देकर!
जब तक जला, दुनिया से गया रौशनी देकर!!

समंदर तड़पता रहा, साहिल के लिए!
जब तक न मिला, बेचैन रहा लिपटने के लिए!!

रात राह तकता रहा, सुबह के लिए!
जब तक था अंधेरा, इंतजार करता रहा सूरज के लिए!!

बादल उमड़ता रहा, बारिश के लिए!
जब तक न मिला , तड़पता रहा बरसने के लिए!!

                       🌹शिवपूजन🌹