Gujarat Election 2022 : क्या अरविंद केजरीवाल ने बढ़ा दी भाजपा की टेंशन, BJP ने बदली चाल

भाजपा के गढ़ गुजरात में साल के अंत तक विधानसभा चुनाव करा लिये जाएंगे. इस बार प्रदेश का चुनाव बहुत ही रोचक होने वाला है. जी हां…कुछ दिन पहले तक लग रहा था कि भाजपा चुनावी मैदान में सबको पछाड़ देगी और फिर एक बार सत्ता पर काबिज आसानी से हो जाएगी. लेकिन चुनावी मैदान में आम आदमी पार्टी यानी ‘आप’ के आ जाने के बाद मुकाबला त्रिकाणिय हो चुका है. अब भाजपा चुनाव पर पूरा जोर लगाती दिख रही इसी क्रम में गुजरात में प्रदेश के बाहर के नेता भी जोर लगाने पहुंच रहे हैं.

गुजरात पहुंचेंगे बिहार और झारखंड के भी नेता
गुजरात में कुछ दिनों के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भाजपा के नेता चुनाव प्रचार करते नजर आयेंगे. ये भाजपा नेता डोर टु डोर प्रचार में जुट जाएंगे. खबरों की मानें तो पहली बार भाजपा ने चुनाव से तीन महीने पहले ही इस तरह दूसरे प्रदेश के नेताओं को भी मैदान में उतारने का निर्णय लिया है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो ,राजस्थान से आने वाले लोगों को उत्तर गुजरात में तीन दर्जन से अधिक सीटों की जिम्मेदारी भाजपा ने दी है जबकि यूपी के नेता सौराष्ट्र और अहमदाबाद पर फोकस करते नजर आयेंगे. बिहार और झारखंड के नेता भी प्रचार करने पहुंचेंगे जो मध्य गुजरात में पार्टी के पक्ष में वोट मांगते दिखेंगे. महाराष्ट्र से आए नेताओं को दक्षिण गुजरात कह जिम्मेदारी दी गयी है.

गुजरात चुनाव में प्रवासियों पर नजर
गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, बड़ौदरा जैसे शहरों की आबादी पर नजर डालें तो यहां यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से आने वाले लोगों की अच्छी संख्या है. इनमें से बहुत अब यहां के वोटर भी बन चुके हैं जिन्हें मताधिकार प्राप्त है. ऐसे में भाजपा की कोशिश है कि इन मतदाताओं को उनके राज्यों से आए नेताओं के जरिए पार्टी के पक्ष में लाया जाए. भाजपा बड़ी रैलियों और सभाओं के अलावा हर गली-नुक्कड़ में छोटी-छोटी बैठकें करके मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. इसके लिए बड़ी संख्या में नेताओं को दूसरे राज्यों से भी गुजरात में बुलाया गया है.