गंभीर रोगियों और गर्भवतियों का कोरोना जांच से पहले होगा इलाज

देश में कोरोना की रफ्तार बेकाबू होती जा रही है. बढते कोरोना आंकडो के बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना की जांच को लेकर नयी गाइडलाइन जारी की. इसके अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के लैब में जाकर अपना कोरोना टेस्ट करा सकता है. ऐसे व्यक्ति जो अपना टेस्ट करवाना चाहते हैं, वे ‘ऑन-डिमांड’ टेस्ट करवा सकते हैं. हालांकि, राज्यों को इसमें संशोधन करने की अनुमति भी दी गयी है.

गाइडलाइन के अनुसार, कोई भी अस्पताल अब कोरोना टेस्ट की सुविधा नहीं होने के आधार पर गर्भवती महिला को रेफर नहीं करेंगे. अस्पतालों को गर्भवती महिला का कोरोना टेस्ट कराने के लिए नमूने को जमा करके उसे कोरोना टेस्ट लैब में पहुंचाने की व्यवस्था करनी होगी. साथ ही अस्पताल अब इमरजेंसी सेवा में भी देरी नहीं करेंगे.

एक बार से अधिक टेस्टिंग नहीं
गाइडलाइन के अनुसार, सर्जिकल या गैर-सर्जिकल प्रक्रियाओं के तहत आने वाले सभी रोगियों का टेस्ट किया जा सकता है, लेकिन हफ्ते में एक बार से अधिक नहीं. स्ट्रोक, इंसेफलाइटिस, हेमोप्टाइसिस जैसे रोगियों का डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूरी लगने पर टेस्ट किया जा सकता है.





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